ट्रंप के टैरिफ पर नहीं आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, पूरी दुनिया की नजरें टिकीं

ट्रंप के टैरिफ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय आज नहीं सुनाया

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू किए गए व्यापक टैरिफ (आयात शुल्क) के खिलाफ दायर कानूनी चुनौती पर आज कोई फैसला जारी नहीं किया है, जिससे इस मामले में फैसला आगे के किसी दिन तक टल गया है। कोर्ट ने शुक्रवार को तय मामलों में से ट्रंप के टैरिफ चुनौती पर कोई निर्णय नहीं सुनाया है और यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत कब इस पर अपना निर्णय देगी। सुप्रीम कोर्ट ने तय नहीं किया कि ट्रंप प्रशासन ने आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए टैरिफ के लिए किस कानूनी अधिकार का उपयोग किया था और क्या वह शक्तियां कानूनी हैं।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की प्रतीक्षा वैश्विक बाजार और आर्थिक विश्लेषकों के बीच महत्वपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि यह मामला अंतरराष्ट्रीय व्यापार और राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों की सीमा से संबंधित है। कोर्ट के फैसले में देरी के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है और व्यापार विशेषज्ञ यह देख रहे हैं कि अदालत कब तक इस लंबित मामले पर निर्णय देती है। ट्रंप द्वारा लगाए गए ये टैरिफ राष्ट्रपति के आपातकाल के अधिकारों के तहत लगाए गए थे, जिन्हें कई व्यापार समूहों और कंपनियों ने चुनौती दी है।

वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समय का कोई निर्धारित दिन नहीं है, पर कुछ रिपोर्टों के अनुसार अदालत पूर्व में संकेत दे चुकी है कि वे कुछ मामलों के लिए 14 जनवरी को निर्णय सुनाने की योजना बना सकती है, जिसमें ट्रंप के टैरिफ मामला भी शामिल है। यह मामला विशेष रूप से इसलिए अहम है क्योंकि यदि कोर्ट ट्रंप के पक्ष में फैसला देती है तो यह आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए टैरिफ लगाने के कार्य को वैध ठहरा सकती है, जबकि यदि निर्णय खिलाफ आता है तो यह नीतिगत अधिकार क्षेत्र और व्यापार नीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

टैरिफ के खिलाफ याचिकाकर्ताओं का तर्क रहा है कि ट्रंप प्रशासन ने जो टैरिफ लगाए हैं, वे इमरजेंसी कानून (International Emergency Economic Powers Act, IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को दिए गए अधिकारों से बाहर हैं, क्योंकि इस कानून का उपयोग आमतौर पर आर्थिक लेनदेन को नियंत्रित करने या प्रतिबंध लगाने के लिए किया जाता है न कि व्यापक आयात शुल्क लगाने के लिए। इस कारण पहले निचली अदालतों ने भी ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया था, और इन फैसलों पर ट्रंप प्रशासन ने उच्च न्यायालय में अपील की थी।

टैरिफ मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय वैश्विक व्यापार नीतियों और अमेरिकी कार्यपालिका की शक्तियों के बीच संतुलन को प्रभावित कर सकता है, और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं तथा आयात शुल्क के राजस्व पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल अदालत ने आज इस पर कोई निर्णय नहीं सुनाया है, जिससे इस लंबित कानूनी विवाद के समाधान के लिए आगे की प्रतीक्षा जारी रहेगी।

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न्यूज़ डेस्क

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