
रूस ने शुक्रवार को पश्चिमी यूक्रेन के लक्ष्यों पर एक हाइपरसोनिक ओरेशनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया, जो लविव क्षेत्र में NATO सदस्य पोलैंड के सीमा के निकट लक्ष्यों को निशाना बनाते हुए दागी गई थी और यह केवल दूसरी बार इस मिसाइल के प्रयोग के रूप में दर्ज हुई। इस मिसाइल को परमाणु हथियारों के साथ ले जाने की क्षमता है, परन्तु इस हमले में इसे कथित रूप से जमीनी कार्यशाला जैसे लक्ष्य पर साधारण युद्धक हिस्से के साथ तैनात किया गया। इस हमले के समय रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई पिछले साल दिसंबर में कथित यूक्रेनी ड्रोन हमले के प्रतिशोध में की गई थी, जिसे यूक्रेनी पक्ष और संयुक्त राज्य अमेरिका ने खारिज कर दिया।
रात भर की हवाई और मिसाइल हमलों में रूसी बलों ने कई अन्य मिसाइलों और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया, जिनमें से कुछ ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत देश भर में बिजली, ताप और जल आपूर्ति को बाधित किया। इस हमले में कीव के कई हिस्सों में विद्युत सेवा बाधित हुई और कतर के दूतावास को भी नुकसान पहुंचा।
हमलों का प्रभाव और नागरिक हानि
रूसी हमले में कम से कम चार नागरिकों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए, विशेष रूप से कीव में ताप व जल आपूर्ति ठप होने के कारण सैकड़ों आवासीय इकाइयों में कठिनाइयाँ आईं। लविव के राज्य उद्यम कार्यशाला पर मिसाइल के प्रभाव से सीमित भौतिक क्षति हुई, जिससे कंक्रीट संरचनाओं में मामूली टूट-फूट और गड्ढे बने। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसे एक सैन्य-औद्योगिक लक्ष्य पर कार्रवाई बताया, जबकि यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि वास्तविक लक्ष्य उपकरण और संरचना के उद्देश्य से इस्तेमाल होने वाली सुविधाएँ थीं।
इस हमले में इस्तेमाल की गई ओरेशनिक मिसाइल की रेंज और गति के कारण यूरोपीय साझेदारों में चिंता उभर आई और इसे एक प्रतिगामी कदम के रूप में देखा जा रहा है जिसने यूरोप और NATO के भीतर सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। यूरोपीय संघ और सदस्य देशों ने इस हमले को गंभीर वृद्धि के रूप में देखा और रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों और उन्नत सहायता उपायों पर चर्चा तेज की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और NATO-संबंधित तनाव
हमले ने NATO और यूरोपीय देशों के भीतर तनाव को बढ़ाया है, क्योंकि यह मिसाइल लविव जैसे पश्चिमी क्षेत्र पर दागी गई, जो यूरोपीय संघ और NATO समर्थक इलाकों के निकट है। यूरोपीय नेताओं ने इस गतिविधि को एक दिशा बदलने वाला कदम बताया और रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने तथा यूक्रेन को उन्नत सैन्य समर्थन प्रदान करने की वकालत की। इसी बीच, कुछ यूरोपीय और NATO अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस तरह के मिसाइल उपयोग से पूरे यूरोप की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्रीय दल तत्काल कार्रवाई और समर्थन उपायों पर विचार कर रहे हैं।
यूक्रेनी रक्षा अधिकारियों ने इस हमले को व्यापक सैन्य हमले का हिस्सा बताया जिसमें रूसी बलों ने रात भर में दर्जनों मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन का उपयोग किया, जिससे निकायों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे पर गंभीर प्रभाव पड़ा, खासकर कीव और लविव में विद्युत तथा अन्य सेवाओं में व्यवधान आया। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि इस हमले ने व्यापक नुकसान पहुंचाया और लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हुई।
रूस का दावा और यूक्रेन-अमेरिका द्वारा खंडन
रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को पिछले कुछ दिनों पहले यूक्रेन द्वारा कथित तौर पर पुतिन के निवास पर ड्रोन हमले का जवाब बताते हुए, इसे एक आवश्यक प्रतिशोधी कार्रवाई बताया। यूक्रेन ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह का कोई ड्रोन हमला नहीं मिला और अमेरिका ने भी यह दावा खारिज किया। इस प्रकार प्रेस में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार रूस द्वारा जारी बयान के विपरीत, पश्चिमी सरकारों और गठबंधन सहयोगियों का कहना है कि इस हमले में राजनीति-भारी दावे शामिल हैं तथा वास्तविक उद्देश्य युद्ध के माहौल में दबाव बनाना है।
यूक्रेनी अधिकारियों और पश्चिमी गठबंधनों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और NATO बैठकें बुलाने के लिए कहा है ताकि वैश्विक प्रतिक्रिया को तेज किया जा सके और ऐसे हमलों के प्रति अंतरराष्ट्रीय कानून तथा सुरक्षा ढांचे के तहत उपाय किए जा सकें। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने ओरेशनिक मिसाइल के उपयोग को गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में वर्णित किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।




