NSE IPO को लेकर बड़ा संकेत, SEBI जनवरी के अंत तक दे सकता है मंजूरी

NSE IPO को मिलने वाली मंजूरी का ताज़ा अपडेट
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार का सबसे लंबा प्रतीक्षित सार्वजनिक प्रस्ताव रहा है और निवेशकों की उम्मीदें वर्षों से जुड़ी हुई हैं। हाल में Securities and Exchange Board of India (SEBI) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने संकेत दिए हैं कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को उसके IPO के लिए जरूरी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NoC) जनवरी 2026 के अंत तक जारी किया जा सकता है, जिससे IPO प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मंजूरी एक महत्वपूर्ण नियामक चरण है जो NSE को अपने IPO का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार करने और SEBI में दाखिल करने की अनुमति देगा।

नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NoC) क्यों महत्वपूर्ण है
पब्लिक कंपनियों की तरह ही स्टॉक एक्सचेंजों को भी सार्वजनिक प्रस्ताव से पहले SEBI से NOC लेना जरूरी होता है। इस प्रमाण पत्र के बिना NSE अपना IPO DRHP दाखिल नहीं कर सकता। SEBI अध्यक्ष का कहना है कि NOC जारी करने की प्रक्रिया अब “बहुत एडवांस स्टेज” में है और इसे इसी महीने पूरा करने का लक्ष्य है। NOC मिलने के बाद, NSE IPO की अगली प्रक्रियाएँ जैसे DRHP तैयार करना और SEBI की समीक्षा तथा मंजूरी का चरण शुरू होगा।

NSE IPO के लिए लंबा इंतजार और इतिहास
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपने IPO की शुरुआत दिसंबर 2016 में की थी, लेकिन नियामक और गवर्नेंस से जुड़े विवादों के कारण यह प्रक्रिया कई सालों तक अटकी रही। विशेष रूप से को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों के कारण SEBI की जांच और सुधारात्मक कदमों ने इस IPO को प्रभावित किया। NSE ने समस्याओं को समाधान करने के लिए वरिष्ठ प्रबंधन में बदलाव, बोर्ड में सुधार और अनुपालन ढांचे को मजबूत करने जैसे कदम उठाए हैं ताकि नियामक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। पिछले कुछ समय में ये सुधार और समस्याओं के समाधान SEBI द्वारा NOC जारी करने के निर्णय के करीब पहुंचने में सहायक रहे हैं।

IPO प्रक्रिया का आगे का समय-रेखा
NOC मिलने के बाद भी सीधे शेयर बाजार में लिस्टिंग होने वाली नहीं है। एनओसी मिलने के बाद NSE को अपना DRHP तैयार करना होगा और फिर SEBI उसकी समीक्षा करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार NOC मिलने के बाद IPO लिस्टिंग तक पहुंचने में लगभग 8 से 9 महीने का वक्त लग सकता है, जिससे संभावित रूप से NSE का IPO 2026 के मध्य या अंत तक लिस्ट हो सकता है, हालांकि अंतिम तारीख अभी तक पुष्टि के अधीन है। यह अनुमान Exchange CEO और बाजार विश्लेषकों की टिप्पणियों पर आधारित है।

निवेशकों और बाजार पर प्रभाव
NSE का IPO न केवल बाजार के ढांचे को बदल देगा बल्कि लाखों निवेशकों को भी प्राथमिक बाजार में हिस्सेदारी का अवसर देगा। यह भारत के इक्विटी बाजार की परिपक्वता और वैश्विक निवेश आकर्षण को भी बढ़ावा दे सकता है। SEBI द्वारा NOC जारी करने के संकेत से बाजार में सकारात्मक भावना देखी जा रही है और निवेशकों में उम्मीद जगी है कि NSE लिस्टिंग से भारतीय पूंजी बाजार को नई गहराई और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। हालांकि निवेशकों से सलाह दी जाती है कि वे आगे की प्रक्रियाओं और समय-रेखा के बारे में SEBI और NSE से आने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें।

Avatar photo
न्यूज़ डेस्क

News Desk हमारी संपादकीय टीम है। यह टीम IndiaPublicInfo.com के माध्यम से सत्यापित सार्वजनिक जानकारी और समाचार अपडेट प्रकाशित करती है।

अपडेट्स