लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा. बहस के दौरान हंगामा

नई दिल्ली। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को ध्वनिमत से खारिज हो गया। इस प्रस्ताव पर दो दिन तक चर्चा चली और सदन में कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। अंत में सरकार के बहुमत के कारण प्रस्ताव गिर गया।

बहस के दौरान सदन में हंगामा

बुधवार को जब अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी तब गृहमंत्री अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में शोरगुल बढ़ने लगा। इसके बाद पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सांसदों से अपनी सीट पर लौटने की अपील की।

विपक्ष के विरोध के बीच ध्वनिमत से मतदान कराया गया। मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में पर्याप्त समर्थन नहीं मिला और प्रस्ताव गिर गया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्ष के 118 सांसदों ने दिया था समर्थन

लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए विपक्ष के लगभग 118 सांसदों के समर्थन से यह प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी दलों का आरोप था कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया।

मंगलवार को इस प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी गई थी। बहस के लिए करीब दस घंटे का समय तय किया गया था जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी बात रखी।

अमित शाह ने विपक्ष पर साधा निशाना

लोकसभा में बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने अविश्वास प्रस्ताव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्पीकर का पद दलों की राजनीति से ऊपर होता है और संविधान ने इस पद को मध्यस्थ की भूमिका दी है।

अमित शाह ने कहा कि करीब चार दशक बाद पहली बार लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव आया है। उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं के लिए अफसोसजनक बताया और कहा कि विपक्ष ने मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पद पर ही संदेह खड़ा कर दिया।

राहुल गांधी का आरोप

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी बहस के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जाता। उनके अनुसार संसद देश की जनता की आवाज है और यह किसी एक पार्टी की नहीं बल्कि पूरे देश की संस्था है।

राहुल गांधी ने कहा कि जब भी विपक्ष के सदस्य अपनी बात रखने के लिए खड़े होते हैं तब उन्हें रोक दिया जाता है और यह लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है।

बहस में आरोप और पलटवार

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी भी हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की आलोचना की और राहुल गांधी के व्यवहार पर भी टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि संसद में इस तरह का व्यवहार पहले कभी नहीं देखा गया। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वे ही ऐसे नेता हैं जो सरकार के सामने बिना झुके अपनी बात रखते हैं और सच बोलते हैं।

Avatar photo
न्यूज़ डेस्क

News Desk हमारी संपादकीय टीम है। यह टीम IndiaPublicInfo.com के माध्यम से सत्यापित सार्वजनिक जानकारी और समाचार अपडेट प्रकाशित करती है।

अपडेट्स
Will the name "Civil Lines" be changed in every city now? Know the full truth डीलिमिटेशन और महिला आरक्षण की नई राजनीति भारत का फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कलपक्कम में क्रिटिकलिटी तक पहुंचा ट्रंप का संकेत ईरान युद्ध खत्म करने की तैयारी, होर्मुज़ सुरक्षा पर रखी शर्त लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा. बहस के दौरान हंगामा मदर ऑफ ऑल डील्स के करीब भारत-EU, 2 अरब का साझा बाजार लॉन्च पैड तक पहुंचा आर्टेमिस II, चंद्र मिशन की उलटी गिनती शुरू 45 साल में BJP की कमान, नितिन नबीन बने सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली से देहरादून अब सिर्फ ढाई घंटे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनकर तैयार महंगे कृषि यंत्र अब आधी कीमत पर, MSAM के तहत 50% तक सब्सिडी